धैर्य क्या है?

जल्दी-जल्दी खाना ख़त्म करते , मोबाइल चलाते, भागी-दौड़ी जिंदगी में

धैर्य नाम का शब्द तब आया जब वो बच्चा मेरे जीवन में आया।

उसके खाना ख़त्म करने का धैर्य, नींद आने पर भी उसके सोने की प्रतीक्षा का धैर्य, उसे पहला कदम चलते देखने का धैर्य।

और अब उसके मुँह से पहली बार माँ/अम्मा सुनने के धैर्य के साथ हूँ।

कभी सोचा नहीं था धैर्य का अनुभव इतना प्यारा हो सकता है।

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