बच्चे के सोते ही तुम भी सो जाओ! क्या यह पॉसिबल है?

Sleep when baby sleeps-Is it even possible?

एक नयी माँ-दिल्ली से।

हाहाहाहा, मैं तुम्हारे जज़्बात समझ रही हूँ। और इस सवाल के पीछे छुपा तुम्हारा फ़्रस्ट्रेशन भी। हम सभी नयी माओ ने यह सलाह ज़रूर सुनी होगी। कि बेटा बेबी के सोते ही तुम भी सो जाना, वरना शरीर को आराम कैसे मिलेगा!

पता है, जो भी यह सलाह दे रहे हैं उन्हें आपकी चिंता है, फ़िक्र है और आपके शरीर को थोड़ा आराम मिल जाये जो कि ज़रूरी भी है इसलिए वो यह सलाह दे रहे हैं। क्यूंकि अगर छोटू-छुटकी वापिस उठ गए तो फिर से शुरू हो जायेगा ना:

डायपर बदलो-रैश क्रीम लगाओ, दूध पिलाओ, दूध बनाओ, बोतल स्टेरलाइज़ करो, पानी उबालो, बेबी को हिकपस दिलाओ, अर्रे क्यों रोने लगे, अच्छा अब थोड़ा गाना.. उफ्फ्फ. सोचो अगर एनर्जी नहीं होगी तो कैसे कर पाओगे यह सब!

हाँ, हाँ, आ रही हूँ आपके अगले सवाल पर की यह सब तो ठीक है लेकिन जी अगर मैं उसके साथ सो गई तो यह सब कौन करेगा:

खाना कब खाऊं या बनाऊं, नहाऊं कब, और भाई घर से काम भी करती हूँ, यानि वर्किंग भी हूँ पेंडिंग ईमेल का जवाब कब दूँ? और बचे हुये कामों की लिस्ट बना दी तो फिर जगह कम पड़ जायेगी ना! अब बोलो।

तो जी हाँ आपकी बात एक दम सही है। मैं ख़ुद इस फेज़ से गुज़री हूँ, मेरे काम भी किश्तों में होते थे जब वो सो जाता था तो एक काम निपटता, फिर दूसरा। ऐसे मैं बच्चे के साथ सो जाओ उम्म्म्म इतना जमा नहीं।

अच्छा सुनो, इस दौरान मैंने एक बात समझी आपसे शेयर कर रही हूँ शायद काम आएगी!

जब बच्चा बहुत छोटा होता है, यानि एक साल तक या लगभग इतना ही तो उसके दिन में सोने के घंटे ज़्यादा होते हैं, यानि वो थोड़ा ज़्यादा सोते हैं-यह वो समय होगा जब आप भी कुछ ज़्यादा ही थका हुआ महसूस करेंगी क्यूंकि आप प्रेगनेंसी के मुश्किल टाइम से अभी बाहर आयी हैं, शरीर में बहुत सारे बदलाव हुये हैं, यह नया रूटीन बहुत थकावट भरा हो सकता है। इस दौरान आप यह कर लीजिये कि बेबी के सोने के टाइमिंग नोट कर लीजिये, जैसे अगर वो दिन भर में चार बार सो रहा है तो आप कम से कम 2 या फिर 1 बार तो उसके साथ सोयेंगी या कह लीजिये एक नैप तो ज़रूर लेंगी ही। और बाकी के समय जब वो सो रहा होगा तो आप अपना ज़रूरी काम ख़त्म कर सकती हैं।

अब जब बच्चा एक साल से बड़ा हो जाता है तो टाइम के साथ उसके दिन में सोने के टाइमिंग्स भी घटते चले जाते हैं। जैसे- मेरा बच्चा अब पूरा दिन में सिर्फ 1 या 2 बार ही सोता है। ऐसे में अगर मैं उसके सोते समय एक नैप नहीं लेती हूँ तो उसके उठने पर उसकी एनर्जी, उसके जोश को मैच कर पाना बहुत मुश्किल हो जाता है। और अब उसके सोने के ऑप्शन भी कम हो गए हैं तो जो मौका मिलता है उसी में थोड़ा आराम बहुत मददगार साबित होता है।

यह तो थी मेरी सलाह मेरे ख़ुद के पर्सनल एक्सपीरियंस के आधार पर। अब आप अब सोचो, देखो और समझो। और वो करो जो आपको अपने लिए बेहतर और सुविधा वाला लगता है।

तब तक के लिए मैं जा रही हूँ एक नैप लेने, यह लिखते-लिखते भी तो एनर्जी जाती है ना। तब तक नीचे कमेंट में बताओ और क्या सवाल हैं आपके, जिस बारे में आप अगला लेख पढ़ना चाहते हो।

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