Baby care से जुड़ी 5 गलतफहमियां

5 myths about babies-baby care in Hindi

जैसा कि मैं हमेशा कहती हूँ बच्चे के माता-पिता होना बिलकुल आसान काम नहीं है। और जब आप इस रोल में नए-नए होते हैं तब तो बिलकुल भी नहीं। नए बच्चे के आते ही एक और चीज़ आती है वो है सबकी एडवाइस, सलाहों की झड़ी। यह मत करो, यह खिला दो, वो चटा दो, वो मत करो-तुम्हे क्या पता, हमें पता है हमने पहले भी बच्चे पाले हैं।
निःसंदेह यह सब सलाह आपका भला सोचते हुए ही दी जाती हैं। लेकिन यह कितनी सही हैं, कितनी प्रैक्टिकल हैं यह आप अपने और अपने बच्चे के लिए ख़ुद सोच सकते हैं, और समझ सकते हैं। यह हैं वो पाँच मिथक-गलतफहमियां जो आप अभी समझ लें तो नए बच्चे के साथ बहुत मदद मिल सकती है:

1) बच्चे को काजल लगाने से उसकी आंखें बड़ी और खूबसूरत हो जाएंगी:


अपने जीवन में, मैंने अपने सामने बहुत क़रीब से 3-4 बच्चों को बढ़ते हुए देखा है, और सबकी आँखों में यह, भर-भर कर काजल जिसमें बच्चा कम और कई बार उनके चेहरे पर काजल ज़्यादा नज़र आता था, बेचारे बच्चे!


आप भारत में रहते और यह सलाह आपको न मिले, इम्पॉसिबल। यह वो सलाह है जो आपको सबसे ज्यादा मिलेगी, अगर आपने अपने नए बच्चे के काजल नहीं लगाया है तो ज़्यादातर लोग आपको टोक कर कहेंगे कि ”अर्रे बच्चे की आँखे छोटी रह जाएँगी” ” उसको नींद अच्छी आने के लिए भी काजल ज़रूरी है” जी नहीं यह बिलकुल ग़लत धारणा हैं।
इतना छोटा बच्चा, इतने नाज़ुक और संवेदनशील उसके शरीर के अंग-उसमें कई बार अपनी गन्दी ऊँगली, और यह कॉस्मेटिक यानि काजल फिर चाहें वो घर पर ही क्यों न बना हो, कई गंभीर इन्फेक्शन दे सकता है। इसलिए, अगर आप यह कर रहे हैं तो थोड़ा सोचिये इस बारे में।

2) बच्चे को रोने देना चाहिए-नहीं तो बिगड़ जायेगा और रोने से उसका गला खुलेगा:


बच्चे के रोने पर जब आप उसे गोदी लेते हैं चुप करवाते हैं तो अकसर आपको यह सलाह मिल सकती है कि ऐसा करने से बच्चा बिगड़ जायेगा, लेकिन एक माता-पिता होने की स्थिति में यह करना बहुत मुश्किल हो सकता है। असल में, इसका उल्ट यह है कि जब आप अपने रोते हुए बच्चे को गोदी लेते हैं, उसे गले लगाते हैं, उससे बात करते हैं तो वो उस वक़्त बहुत सुरक्षित महसूस करता है। वो सुरक्षित है, आप उसके साथ हैं उसे यह बताने के लिए जो आपने किया वो बिलकुल ठीक था। और रोने से उसका गाला खुले या न खुले लेकिन उसको कष्ट ज़रूर हो सकता है।
समय के साथ आप खुद समझ जायेंगे कि उसके बेवज़ह रोने पर कब प्रतिक्रिया देनी है और कब नहीं, या कब उसे आपकी ज़रूरत है कब नहीं, फिलहाल उसे अपना स्पर्श और प्यार देने में गिल्ट मत महसूस कीजिये।

crying baby in Hindi

3) Painless vaccine से बेहतर Painful vaccine:


बच्चे के जन्म के बाद से ही आपको आपके डॉक्टर से वैक्सीन चार्ट मिलेगा, उसकी हर तारीख़ पर आपको अपने बच्चे को वैक्सीन लगवाने ज़रूरी हैं। अगर आप यह वैक्सीन का प्रोसेस एक प्राइवेट हॉस्पिटल से करवा रहे हैं तो, पहली विजिट पर ही आपसे आपके डॉक्टर पूछ सकते हैं कि आप अपने बच्चे के लिए पैनलेस वैक्सीन चाहते हैं? यहाँ अंतर यह है कि Painful vaccine से आपके बच्चे को वैक्सीन के बाद हल्का बुखार, जहाँ वैक्सीन लगा है वहां सूजन आ सकती है। वहीँ Painless vaccine से न बुखार, न सूजन जैसी कोई भी परेशानी आपके बच्चे को होगी। हाँ लेकिन Painless vaccine की कीमत Painful vaccine से थोड़ी ज़्यादा हो सकती है।


अब आपको बहुत से लोग कहेंगे कि Painless vaccine प्रभावी नहीं होती है इसलिए आपको यह नहीं लगवानी चाहिए। जबकि यह बड़ी गलतफहमी है, जिसके बारे में पूरी जानकारी आप यहाँ से पढ़ सकते हैं। आप अपने बच्चे के लिए क्या चाहते हैं तकलीफ़ या आराम उसी के आधार पर आपको इन दोनों विकल्पों में से एक चुनना है, निजीतौर पर हमारा चुनाव हमेशा Painless vaccine रहा है।

Painful or painless vaccine in Hindi

4) छोटे बच्चे को पानी दिया जा सकता है, कोई बड़ी बात नहीं।


जी नहीं, 6 महीने से कम उम्र के बच्चों को आप पानी, शहद और दूसरे पीने और खाने की चीज़े नहीं दे सकते। गर्मियों में भी नहीं। क्यूंकि जितने पानी की उनके शरीर को ज़रूरत है वो उन्हें आपके दूध या फार्मूला मिल्क से मिल रहा है। बच्चों के विशेषज्ञ कभी भी 6 महीने से कम उम्र के बच्चों को पानी देने की सलाह नहीं देते हैं। क्यूंकि उनका छोटा सा शरीर, पेट, किड़नी अभी पीने के पानी के लिए तैयार नहीं है।
6 महीने के बाद भी बहुत कम मात्रा-चम्मच से आप उन्हें पानी शुरू कर सकते हैं, उससे पहले नहीं।

honey, water to newborn in Hindi

5) बच्चे को बार-बार दूध देने से उसकी आदत बिगड़ जायेगी:


कई सलाह आपको यह भी मिलेगी कि बच्चा जब तक बहुत रोने न लगे, या परेशान न करने लगे उसे दूध मत दो। जब ऐसा नहीं है। एक माँ/पिता होने के नाते आपको पता है कि कब बच्चे को भूख लगी है कब नहीं। वैसे तो स्तनपान, और फार्मूला मिल्क में 3 घण्टे का गैप सामान्य है। लेकिन अगर कई बार बच्चा इससे पहले भी दूध के लिए रोता है तो उसे परेशान होने देने छोड़ने और ख़ुद को गिल्ट में रखने का कोई फैयदा नहीं है।

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एक और बात जो मैं इसमें जोड़ना चाहूँगी वो है नए बच्चों में जो गर्भनाल होती है उससे जुड़े मिथक। अगर आप इसमें गलतफहमियों में आये तो अपने बच्चे को काफी तकलीफों में डाल सकते हैं। Newborns में umbilical cord care कुछ एहम बिंदु भी आप जल्दी से पढ़ लीजिए यहाँ:

आपको कौन सी और गलतफमियां लगती हैं जिनको एक नए माता-पिता समझ सकते हैं। नीचे कमेंट में बतायें। कोई सवाल, डाउट हो तो वो भी लिखिए 24 घंटों में आपको जवाब दिया जायेगा।

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