हम प्रेग्नेंट हैं: प्रेगनेंसी के दौरान यह हैं साथी की जिम्मेदारियां –

आपको पता है एक प्रेग्नेंट औरत को सबसे ज़्यादा ख़ुशी कौन दे सकता है? ज़ाहिर सी बात है उनका साथी। जिन औरतों को इस दौरान साथी का साथ, सपोर्ट, प्यार और केयर मिलता वो ज्यादा खुश और कम तनाव महसूस कर सकती है। और यह तो आप जानते ही हैं न कि इस दौरान वो जितना खुश और स्ट्रेस फ्री रहेंगी वो गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए भी अच्छा है।

और वैसे भी इंग्लिश में आजकल चल रहा है न we are pregnant न कि she is pregnant यह सबसे बेहतर एक्साम्पल है यह बता समझाने का कि भले ही बच्चे को जन्म उनका शरीर देगा लेकिन इस प्रेगनेंसी में आप दोनों ही बराबर के भागीदार हैं। तो ऐसे में यह जो प्रेगनेंसी का दौर है इसमें बच्चे को जन्म देने वाली माँ स्वस्थ और अच्छा महसूस करे इसके लिए आपका साथ और कुछ छोटी-छोटी ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है।

क्या कहा आपने, मैं क्या कर सकता हूँ? सही सवाल तो यह जवाब यह 10 बातें जो आप कर सकते हैं:

1. उनका हाथ थामिए, अपना प्यार ज़ाहिर कीजिये, और हाँ जादू की झप्पी बहुत ज़रूरी है:

2. प्रेगनेंसी एक ऐसा फेज़ है जब कई मिक्स्ड इमोशंस एक साथ एक्सपीरियन्स हो सकते हैं-एक पल में बहुत ख़ुशी, एक्ससिटेमेंट तो दूसरे ही पल रोने का मन कर सकता है। उन्हें इसमें अकेला मत छोड़िये। आप क्या महसूस कर रहे हैं वो भी क्या महसूस कर रही हैं साथ में बाटिये :

3. यक़ीन मानिये, यह वो पल है जो पता भी नहीं चलेगा निकल जायेगा। और नन्हा-नन्ही बाहर होंगे। इन पलों को उनके साथ डॉक्यूमेंट कीजिये, अपने ह्यूमर का जादू दिखाइये, आने वाले के लिए साथ में तैयारी कीजिये, हॉस्पिटल बैग साथ में पैक कीजिये। यह यादें है ज़िंदगी भर याद करके साथ मुस्कुराने के लिए।

4. उनके साथ डॉक्टर विजिट्स में जाइये, डॉक्टर क्या कह रहे हैं उसे भी समझिये। कोई डाउट हो तो डॉक्टर से पूछिए। ऑनलाइन पढ़िए, समझिये और उन्हें भी समझने में मदद कीजिये।

5. उनकी पसंद का खाना बनाइये, इस बीच उन्हें कई अतरंगी क़िस्म के खाने की क्रेविंग हो सकती है, या कई बार कई तरह के खाने की स्मेल उन्हें परेशान कर सकती है, और शरीर भी कितना थका हुआ होता है-आपकी मदद तो बनती है न। खाना नहीं बना सकते तो कम से कम उनकी किचन में मदद कीजिये।

6. उनके सप्लीमेंट पिल्स, पानी का इंटेक, उनके खाने-पीने का ख्याल-वो हेल्थी फूड्स जो उन्हें इस दौरान खाने चाहिए या ऐसी चीज़ें जो अवॉयड करनी चाहिए इन सब पर अपनी नज़र रखिये। इनके बारे में भरोसेमंद सोर्सेस से जानकारी पढ़िए।

7. कई औरतों को इस दौरान कमर-पैरों, का दर्द या मॉर्निंग सिकनेस बहुत ज़्यादा हो सकती है। ऐसे में उनके पैरों, कमर की मसाज़ उन्हें बहुत आराम देगी। उनके बैठने और सोने की जगह आरामदायक है की नहीं यह भी चेक कीजिये।

8. संवेदनशीलता- यह समय बहुत संवेदनशील, सब्र रखने का है। कई बार आपको उनके बेहेवियर में बदलाव लग सकता है, इस दौरान मूडस्विंग्स बहुत कॉमन है। धैर्य रखिये उन्हें, सपोर्ट कीजिये, कुछ कहना हो तो प्यार से अपनी बात रखिये और समझिये।

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