आख़िर, होम प्रेगनेंसी टेस्ट का सही तरीक़ा क्या है? Home pregnancy test ka sahi tarika-home pregnancy test with kit

प्रेगनेंसी टेस्ट का रिजल्ट जितना पॉजिटिव आने पर ख़ुशी दे सकता हैं। उतनी ही ख़ुशी इसके नेगेटिव आने पर भी हो सकती हैं। वहीँ कई बार जितना दुःख इसके नेगेटिव आने पर हो सकता हैं कई बार उतना ही दुःख इसके पॉजिटिव आने पर भी हो सकता हैं। सोचिये ज़रा कितना कुछ टिका हुआ है ना तीन बूँद यूरिन और एक टेस्ट किट पर। ख़ैर मज़ाक से हट के किसी भी नज़र से यह बात बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण है।

जब बात इतनी एहम हैं तो यह तो ज़ाहिर है कि इस मामले में कोई भी भ्रम, कंफ्यूज़न कितनी गड़बड़ कर सकता हैं। इसलिए इस टेस्ट से जुड़ी कुछ ज़रूरी बातें समझ लेना बहुत ज़रूरी है।

क्या ना करें:

कोई भी घरेलु तरीका प्रेगनेंसी पता करने का जैसे-टूथपेस्ट, नमक इत्यादि इसको अवॉयड करें, पूरी तरह से क्यूंकि यह बिलकुल भरोसेमंद नहीं हैं, ना ही यह एक सही तरीका है प्रेगनेंसी टेस्ट करने का।।

बिना टेस्ट किये ही-किसी ने कह दिया की “पीरियड्स मिस हो गए, चक्कर आरहा है, उलटी आ रही है, और बद से बत्तर स्थिति में खट्टा खाने का मन कर रहा है” तो जी आप प्रेग्नेंट ही हैं। थामिये ख़ुद को और इन बातों को इग्नोर कीजिये और अगर डाउट है तो बस एक होम प्रेगनेंसी टेस्ट से ही इसके पक्के होने पर विश्वास कीजिये। हालाँकि आपको बता दूँ कि प्रेगनेंसी होने का संकेत पीरियड्स का मिस होना हो सकता है लेकिन फिर भी टेस्ट इसलिए ज़रूरी है क्यूंकि कई बार शरीर में हॉर्मोन्स के बदलने या स्ट्रेस-तनाव या किसी और वजह से भी पीरियड्स मिस हो सकते हैं।

क्या करें! हाँ बिलकुल की जी फिर करें क्या तो वो भी सुन लीजिये:

इस बार पीरियड्स नहीं आये, या कोई अनसेफ सेक्स हुआ था, या आपको लगता है आपका गर्भनिरोधक आप भूल गई थी या वो फ़ैल हो सकता है। तो इस स्थिति में होम टेस्ट लेने से पहले अनसेफ सेक्स को 10 गुज़रने दीजिये। क्यूंकि इस टेस्ट को जिस हॉर्मोन यानी HCG को पता करने की ज़रूरत पड़ती है वो सिर्फ प्रेगनेंसी के दौरान ही शरीर में बनता है, मोटा- मोटा कहें तो HCG को बनने में कम से कम 8 से 12 दिन तो लग ही जायेंगे।
इसलिए अगर सही परिणाम चाहते हैं तो टेस्ट से पहले इतने दिन रुक जाएं।

HCG का काम अभी खत्म नहीं हुआ है इसलिए यह भी सुनिये। क्यूंकि सुबह के पहले यूरिन सैंपल में सबसे ज्यादा HCG की मात्रा पायी जाती है तो इसलिए यह टेस्ट आप सबसे पहले सुबह उठते ही ले लीजिये।

मार्किट से कम से कम 2 टेस्ट किट ले आइये, यह टेस्ट किट 50 रुपये से 100 रुपये में आपको मिल जानी चाहिए। दो इसलिए क्यूँकि भ्रम की स्थिति में दोबारा टेस्ट लिया जा सके।

अब इस टेस्ट किट के पीछे दिए गए निर्देशों को बहुत अच्छे से पढ़ लीजिये क्यूंकि इस टेस्ट की प्रक्रिया के दौरान सही परिणाम के लिए आपको इन्ही निर्देशों को फॉलो करना है।

क्या यह टेस्ट भरोसेमंद हैं:

जी हाँ सारे निर्देशों को फॉलो करते हुए, सही तरीके से किए गया टेस्ट पर आप भरोसा कर सकते हैं। लेकिन..लेकिन मयोक्लिनिक के अनुसार बहुत कम मामलों में जैसे एक्टोपिक प्रेग्नेन्सी, मेनोपोसे की स्थिति या फिर ओवरी से जुड़ी कुछ समस्याओं के कारण यह ग़लत-पॉजिटिव परिणाम भी दिखा सकता है। लेकिन जैसा की पहले कहा यह स्थिति बहुत दुर्लभ मामलों में हो सकती है। फिर भी कोई संदेह हो तो डॉक्टर से मिल लेना सबसे बेहतर है।

चलिए जी, यह सारी बातें हो। अब अगर आप एक पॉजिटिव परिणाम की उम्मीद कर रहे थे तो आपको बहुत मुबारक़। अगर नहीं तो धैर्य रखिये, अपने साथी से बात कीजिये या खुद से पूछिये की आप अपने लिए की चाहती हैं। अगर आप एबॉर्शन के विकल्प के बारे सोचना चाहती हैं तो एक रजिस्टर्ड डॉक्टर से मिलिए। सुरक्षित एबॉर्शन का चुनाव कीजिये।

कोई और सवाल जो आप पूछना चाहते हैं, तो नीचे लिखिये। ज़्यादा डिमांड वाले सवाल पर जल्दी ही नया लेख पब्लिश हो जायेगा।
चलिए बाय-बाय ख़्याल रखिये।

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